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पटवारियों को जबरन सेवानिवृत्ति देने का विरोध प्रदर्शन

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दो पटवारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दिए जाने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और भिलंगना के एक पटवारी का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ से जुड़े कर्मियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर शीघ्र ही समस्या समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।
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मंगलवार को राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ से जुड़े पटवारियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन पर पटवारियों का मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि ग्रास रूट पर सारी कार्रवाई और कामकाज पटवारी ही निपटा रहे हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति देने के बजाय जबरन सेवानिवृत्ति दी जा रही है। शासन के निर्देश पर बनी स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर बीते 23 नवंबर को बाल गंगा तहसील के राजस्व उप निरीक्षक पद पर कार्यरत भरत लाल और मोहन लाल श्यामवेदी को जबरन सेवानिवृत्ति दे दी गई थी, जबकि आपदा से आवासीय मकानों के क्षतिग्रस्त होने की गलत रिपोर्ट भेजने पर बूढ़ाकेदार-कोट के राजस्व उप निरीक्षक केपी भट्ट को निलंबित कर दिया गया था।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे प्रदेश में टिहरी जिले में ही ऐसी कार्रवाई की जा रही है। कहा कि जिले में पटवारियों के 46 और राजस्व सेवकों के 80 पद रिक्त हैं। एक-एक पटवारी के पास दो से तीन क्षेत्र हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। पटवरियों के पास अपने कार्य के साथ रजिस्टार कानूनगो के भी अतिरिक्त प्रभार हैं। प्रदर्शनकारियों में संगठन के जिलाध्यक्ष हितराम ममर्गाइं, सचिव सूरदास गड़ोही, संरक्षक महिपाल पुंडीर, पूनम राणा, संजय कुमार, हरि किशन, धनपाल, सुनील चमोली, जितेंद्र थपलियाल, पवन राणा, नरेंद्र नेगी शामिल रहे।
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