नैनबाग (टिहरी)। यमुना नदी पर निर्माणाधीन 300 मेगावाट लखवाड़ बांध परियोजना की एलएनटी कंपनी से हटाए गए कर्मियों को बहाल करने की मांग को लेकर कार्मचारियों का धरना 10वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक हटाए गए सभी कर्मचारियों को नौकरी पर बहाल नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। कंपनी प्रबंधन इसी तरह लापरवाह बना रहा तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
परियोजना स्थल पर संविदा श्रमिक संघ के बैनरतले धरने पर बैठे कंपनी से हटाए गए कर्मचारियों ने कहा कि देश की ऊर्जा जरूरतें पूरा करने के लिए सरकार बांध बना रही है, लेकिन परियोजना प्रभावितों को रोजगार से वंचित कर उन्हें उनके हाल पर छोड़ने का कार्य किया जा रहा है। भाजपा युवा मोर्चा जौनपुर के अध्यक्ष राजेश सजवाण ने श्रमिकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि श्रमिकों को अपनी जायज मांगों के लिए धरना देना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया है, कि श्रमिकों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश जारी करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि श्रमिकों की मांगें जल्द नहीं मानी जाती है, तो उन्हें उग्र आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। परियोजना प्रभावितों ने कहा कि हमारे खेत, खलियान, घर, जंगल और व्यवसाय परियोजना की भेंट चढ़ गया है। कंपनी उनके साथ छलावा कर रोजगार भी नहीं दे रही है।
शासन-प्रशासन के माध्यम से कई बार की वार्ता के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी रोष बना हुआ है। उन्होंने श्रमिकों का रोजगार शीघ्र बहाल करने की मांग की है। धरने पर बैठने वालों में सतीश तोमर, महेश तोमर, बबलू, प्रकाश, विपिन, रोहित चौहान, मोहित ,सुरेश रावत, प्रीतम पुंडीर, अनिल रावत और आयुष पुंडीर आदि शामिल थे।