नई टिहरी। नगर पालिका की बौर्ड बैठक खूब हंगामेदार रही। सदस्यों ने स्क्रैप की नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठाया। बैठक में पिछले भुगतान को लेकर डीएम को फर्जी हस्ताक्षरों का पत्र देने का मुद्दा भी गरमाया रहा। इस दौरान कुल वार्षिक बजट की 30 प्रतिशत धनराशि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर खर्च करने और ढाई लाख रुपये से भी कम सभी कार्यों का ओपन टेंडर लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
नई टिहरी नगर पालिका की बोर्ड बैठक शुरू होते ही सभासदों ने स्क्रैप की नीलामी को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। सभासद विजय कठैत और नवीन सेमवाल ने नगर क्षेत्र में स्थित विभिन्न पार्क और बौराड़ी बस अड्डे से निकाले गए स्क्रैप की नीलामी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसमें कई अनियमितताएं बरती गई हैं।
पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा कि नीलामी में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। बावजूद सभासदों को गड़बड़ी की आशंका है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। सभासद मानवेंद्र सिंह रावत ने पिछले कार्यकाल के दौरान मोकरी में स्थापित 52 लाख रुपये की कूड़ा निस्तारण कॉम्पेक्टर मशीन शुरू होने से पहले ही 32 लाख भुगतान का मामला उठाया। इसको लेकर सदस्यों के बीच काफी बहस हुई।
सभासदों ने बोर्ड बैठक की स्पष्ट सूचना देने और बैठक निरस्त करने की भी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। अधिशासी अधिकारी की कार्यप्रणाली से नाराज एक सदस्य ने उन्हें हटाने की मांग की। पिछले कार्यकाल में भागीरथीपुरम में बने 4.50 लाख का शौचालय का वेरिएशन बढ़कर 13 करने के बाद भुगतान करने पर सदस्यों ने सवाल उठाए। बोर्ड बैठक शाम पांच बजे तक चलती रही। बैठक में सभासद उर्मिला राणा, सीमा नेगी,विनीत उनियाल, खेमराज सिंह, प्रीति पोखरियाल, पंचम तोपवाल और पवन शाह आदि मौजूद थे।