भिलंगना ब्लॉक के घुत्तू में बनी 24.25 मेगावाट की भिलंगना हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से प्रभावित सांकरी के ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में प्रशासन के समक्ष हुई वार्ता में पांच सूत्री मांगों का निस्तारण करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन 10 साल बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो अनशन किया जाएगा।
सोमवार से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि घुत्तू में वर्ष 2007 से पहले शुरू किए गए भिलंगना हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण वर्ष 2011 में पूरा किया गया था। निर्माण शुरू करते समय ग्रामीणों के हक हकूक प्रभावित होने पर तहसील प्रशासन की मध्यस्तता में पांच सूत्री मांग जिसमें कंपनी ने झूला पुल निर्माण, प्रभावित सांकरी के ग्रामीणों को प्रोजेक्ट में रोजगार देने, दो किमी भीमराव अंबेडकर सड़क की मरम्मत, प्रभावित भूमि का मुआवजा देने और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक एक भी मांग पूरी नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर अनशन की चेतावनी दी। धरना देने वालों में प्रेमलाल त्रिकोटिया, प्रधान नत्थी लाल, शूरवीर लाल, इंद्र लाल, सीताराम, शिवचरण, सौणी देवी, चंदा देवी, चंद्रकला ,बसंती देवी, माशांति देवी, छुमा देवी, बैशाखी देवी और चंदन लाल आदि शामिल थे।