जाखणीधार की ब्लाक प्रमुख केे खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा एवं फ्लोर टेस्ट को लेकर सोमवार को बैठक निर्धारित की गई थी, लेकिन पीठासीन अधिकारी के नहीं पहुंचाने से बैठक स्थगित हो गई। इस पर प्रमुख ने नाराजगी व्यक्त करते हुए भाजपाइयों के साथ कलेेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया।
ब्लाक प्रमुख बेबी असवाल पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने सीडीओ को अविश्वास का पत्र दिया था, जिस पर प्रशासन ने 24 अक्तूबर को बैठक निर्धारित कर एसडीएम टिहरी को फ्लोर टेस्ट को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया था।
पीठासीन अधिकारी को सुबह 11 बजे बैठक कक्ष में उपस्थित रहना था, लेकिन दोपहर 12 बजे तक भी पीठासीन अधिकारी के न पहुंचाने पर बैठक स्थगित हो गई। इस पर प्रमुख एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने आक्रोश व्यक्त कर धरना दिया। उन्होंने जिला प्रशासन पर जानबूझकर बैठक स्थगित करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्यपाल से तत्काल फ्लोर टेस्ट की तिथि घोषित करने और बैठक में शामिल नहीं वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। टिहरी सांसद मालाराज्य लक्ष्मी शाह ने भी धरने को समर्थन देते हुए सीडीओ को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
धरना देने वालों में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी, जिला प्रभारी कुसुम कंडवाल, पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी, धन सिंह नेगी, खेम सिंह चौहान, मेहरबान रावत, घनश्याम नौटियाल, दिनेश डोभाल, उदय रावत, जीतराम भट्ट, अनुसूया नौटियाल, सीपी चंद, साहब सिंह कुमाईं, सोहन सिंह राणा, रामलाल नौटियाल, गोपीराम चमोली, अमर सिंह, आनंद सिंह, विनोद चमोली, रणजीत सिंह, दर्शन लाल, सुषमा उनियाल, कुसुम चौहान, भुवनेश्वरी उनियाल आदि मौजूद थे।
पीठासीन अधिकारी के नहीं पहुंचने से बैठक स्थगित की गई है। नियम के अनुसार बैठक शुरू होने के आधा घंटे के अंदर पीठासीन अधिकारी केे सदन में मौजूद अनिवार्य है। पीठासीन अधिकारी से लिखित में जवाब मांगा गया है। नियमानुसार 25 दिन से पहले से फिर से बैठक आहूत की जाएगी।
-चमन सिंह राठौर, जिला पंचायत राज अधिकारी।
मंगलवार को कद्दूखाल में सीएम के प्रस्तावित दौरे और चंबा में स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों में अधिक समय लगने के कारण देर हो गई थी। इसका लिखित कारण भी संबंधित को दिया जाएगा।
-चतर सिंह चौहान, एसडीएम एवं पीठासीन अधिकारी।