चार माह से सड़क बंद होने से हो रही है दिक्कत
पुरोला। चार माह से बंद जखोल-बेंचा फिताड़ी मोटर मार्ग की बदहाली ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी। सुदूरवर्ती लिवाड़ी गांव की एक गर्भवती की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वहीं सड़क बंद होने से परिजन उसे अस्पताल नहीं ले जा सके जिसके बाद विधायक दुर्गेश्वर लाल से संपर्क का मामले की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और हेलिकॉप्टर भेजकर गर्भवती महिला को अस्पताल भेजा।
सुदूरवर्ती लिवाड़ी गांव की रेनू देवी पत्नी सूरज सिंह की गांव में अचानक तबीयत बिगड़ गई। सड़क बंद होने से परिजन उसे अस्पताल नहीं ले जा सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण दिनेश सिंह ने विधायक दुर्गेश लाल से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। विधायक द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराए जाने पर प्रशासन हरकत में आया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हेलिकॉप्टर भेजकर रेनू देवी को लिवाड़ी गांव से देहरादून भेजा गया। उपचार शुरू होने पर गर्भवती की जान बचाई जा सकी। बता दें कि बीते सोमवार को कासला गांव की गर्भवती सुपारी देवी को सड़क की बदहाली का खामियाजा अपनी जान देकर भुगतना पड़ा था। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण उसकी गांव में ही मौत हो गई थी। लगातार सड़क बंद रहने और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
विधायक दुर्गेश लाल ने बताया कि अब मौसम खुल गया है। जल्द ही मलबा और पत्थर हटाकर सड़क सुचारू किया जाएगा। लगभग 300 मीटर भू-धंसाव वाले हिस्से पर नए एलाइनमेंट से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। फिताड़ी व लिवाड़ी क्षेत्र में चिकित्सकों की तैनाती और गर्भवतिसयों के समय पर उपचार व टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं।