चंबा में बीआरओ के कमांडर विनोद श्रीवास्तव से मुआवजा की मांग को लेकर वार्ता करते ग्रामीण।
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ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर नगर के ठीक नीचे बनाई गई सुरंग लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सुरंग के ठीक ऊपर बसे मठियाण गांव के कई मकान और खेतों में आई दरारों को कई महीनों बाद भी ठीक नहीं किया गया है और न ही मुआवजा मिल पाया है। लिखित समझौते के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को सुरंग निर्माण स्थल पर सांकेतिक धरना देकर विरोध जताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र ही मकानों की मरम्मत और खेतों का मुआवजा नहीं दिया गया तो सुरंग निर्माण कार्य ठप कर दिया जाएगा।
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर चंबा में बाईपास बनाने के लिए सुरंग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन सुरंग निर्माण के शुरुआती चरण में ही सुरंग के ठीक ऊपर बसे मठियाण गांव के कई मकान और खेतों में दरारें पड़ गई थीं। तब ग्रामीणों ने भुगतान की मांग को लेकर काम बंद करा दिया था। इस पर प्रशासन और बीआरओ ने जल्द मकानों का ट्रीटमेंट करने और खेतों का मुआवजा जल्द देने का लिखित समझौता किया था, लेकिन एक साल से अधिक समय बाद भी मकानों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को निर्माण स्थल पर जाकर विरोध जताया और सांकेतिक धरना दिया। पीड़ित देव प्रकाश कोठियाल और चंडी प्रसाद कोठियाल ने कहा कि सुरंग के कारण उनके मकानों में दरारें पड़ी हुई हैं। मौके पर पहुंचे बीआरओ के कमांडर विनोद कुमार श्रीवास्तव ने मकानों का निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया। विरोध जताने वालों में बृहस्पति देवी, सावित्री देवी, सुनीता देवी, रोशनी देवी, वीरेंद्र दत्त कोठियाल, सतवीर पुंडीर और सोहनवीर सजवाण आदि शामिल थे।