वर्ष 2014-15 में पेयजल योजना की स्वीकृति और निर्माण कार्य प्रारंभ होने के बावजूद जल निगम और ग्राम पेयजल समिति खांड बिरकोट के ग्रामीणों को पानी नहीं पिला पाई है। ऐसे में ग्रामीण हैंडपंप से पानी ढोने को मजबूर हैं।
करीब दो साल पहले खांड बिरकोट की पेयजल योजना के लिए 50 लाख की वित्तीय स्वीकृति मिली थी, जिसके तहत सैनसारी गदेरे महज तीन किमी पेयजल लाइन गांव तक पहुंचाई जानी थी। लेकिन दो साल बाद भी काम नहीं हो पाया है, जबकि कार्यदायी एजेंसी निर्माण कार्य जारी रहने का दावा कर रही है।
पूर्व बीडीसी मेंबर नारायण सिंह चौहान, पूर्व प्रधान रूप राम, चतन लाल का कहना है कि योजना का निर्माण कछुआ चाल से हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को हैंडपंप से पानी ढोना पड़ रहा है। इस बाबत जल निगम चंबा के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि योजना का निर्माण गांव की पेयजल समिति के जिम्मे है।
इस बाबत समिति और ग्राम पंचायत ही बेहतर बता सकती है। उधर, ग्राम प्रधान सुंदर लाल का कहना है कि योजना जल्द तैयार करा ली जाएगी। बताया कि पाइप लाइन समय पर नहीं मिलने से निर्माण में देरी हो रही है।