बोले, एलएंडटी कंपनी कौड़ियों के भाव हड़पना चाहती है प्रभावितों की जमीन
प्रभावितों ने जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी
नैनबाग (टिहरी)। लखवाड़ बांध प्रभावित 20 सूत्री मांग को लेकर 44वें दिन भी धरने पर डटे रहे। गुस्साए लोगों ने शासन-प्रशासन और एलएंडटी कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने कहा कि कंपनी को काश्तकारों की जमीन कौड़ियों के भाव नहीं हड़पने दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जाती है तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा जौनपुर-जौनसार के बैनरतले धरने पर बैठे प्रभावित ग्रामीणों का कहना है, कि वह रोजगार और उचित मुआवजा देने सहित 20 सूत्री मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनी अपनी शर्तों पर काम करना चाहती है। इसमें शासन-प्रशासन भी प्रभावितों का साथ नहीं दे रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति भी गुस्सा है।
प्रभावितों ने कहा कि बांध के लिए उनकी पुश्तैनी जमीन और मकान लिए जा रहे हैं। इसके बदले उचित मुआवजा और रोजगार आदि की मांग कर रहे हैं लेकिन एल एंड टी कंपनी उनकी जमीन कौड़ियों के भाव हड़पना चाहती है। गुस्साए लोगों ने कहा कि कंपनी की यह मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी सभी 20 सूत्री मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता है तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
शासन-प्रशासन और कंपनी का यही उपेक्षापूर्ण रवैया रहा तो रणनीति बदलकर आंदोलन तेज किया जाएगा। परियोजना स्थल पर 44 दिनों से चल रहे धरने पर बैठने वालों में कमल रावत, सुरेश रावत, संदीप रावत, सुनील राणा, जसवीर तोमर, अजबीर रावत, रविंद्र सिंह चौहान, गंभीर, मुकेश तोमर, प्रदीप, अजीत रावत, अंशुल तोमर, जसवीर, शेर सिंह, अनिल, संदीप तोमर और अजय तोमर आदि शामिल थे।