फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tehri News: विकोल गांव की प्यास पर अधिकारी बेपरवाह

Mon, 30 Mar 2026 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
विज्ञापन
विज्ञापन
सात महीने बाद भी आपदा से टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं, 1200 की आबादी संकट में
विज्ञापन

गर्मियों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बूंद-बूंद को तरसेंगे बच्चे
नई टिहरी। थौलधार ब्लॉक में विकोल गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत नहीं हो पाई है जिससे ग्रामीणों को उधार के स्रोत से प्यास बुझानी पड़ रही है। गर्मियों में स्रोत पर पानी कम होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को पेयजल संकट बढ़ने की चिंता सता रही है। परेशान ग्रामीणों ने आपदा से क्षतिग्रस्त योजना की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
विकोल गांव की पेयजल योजना अगस्त 2025 में आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना टूटने से गांव में पेयजल की आपूर्ति बाधित होने पर जल निगम ने प्लास्टिक के पाइप से लाइन जोड़कर दूसरे गांव के जलस्रोत से जलापूर्ति कराई थी लेकिन सात माह से अधिक समय होने के बाद भी योजना की मरम्मत नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख गुलाब सिंह बरवाण ने बताया कि आपदा से पेयजल लाइन टूटने पर जल निगम ने दूसरे गांव के स्रोत से अस्थायी व्यवस्था बनाकर जलापूर्ति सुचारू कराई थी लेकिन अभी तक गैर गाड, मुंडखुलिया और अंधियारी खाल स्रोत पर क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत नहीं होने के करण गर्मियों के मौसम में पेयजल संकट बढ़ने की चिंता सता रही है।
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ने कहा कि गर्मियों में ज्यादातर जल स्रोतों पर पानी कम हो जाता है। इस स्थिति में दूसरे गांव के लोगों ने पानी देने से इनकार कर दिया तो विकोल गांव की करीब 1200 की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गांव में तीन प्राथमिक स्कूल, एक उच्च प्राथमिक स्कूल और तीन आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं। गांव की जलापूर्ति बाधित होती है। ग्रामीणों के साथ ही बच्चों को भी पेयजल समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पेयजल जैसी गंभीर समस्या को देखते हुए योजना की मरम्मत करने की मांग की है
विज्ञापन


आपदा से विकोल गांव के तीन जलस्रोत क्षतिग्रस्त हो गए थे। उनमें से एक स्रोत की मरम्मत के लिए निविदा जारी कर दी गई है। उस पर कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। दो अन्य स्रोतों की मरम्मत के लिए धनराशि मिलने की उम्मीद है।
- केएन सेमवाल, ईई जल निगम चंबा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें