ऊर्जा निगम ने जिले के बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों के चेकिंग के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्ट मशीन लगा दी है। जर्मनी से एक करोड़ की लागत से खरीदी गई मशीन से एक साथ छह मीटरों की टेस्टिंग होगी, जिसका परिणाम में भी उपभोक्ता को तत्काल दिया जाएगा। अभी तक विभाग मीटरों की शिकायत मिलने पर चेकिंग के लिए देहरादून, हरिद्वार और रुड़की भेजता था, जिसकी रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे।
ऊर्जा निगम के मीटर रीडिंग डिविजन ने अपने उपभोक्ताओं के मीटर रि-चेकिंग करवाने की सुविधा जिले में ही दे दी है। उपभोक्ताओं की ऊर्जा निगम से शिकायत रहती थी कि मीटर खराबी के कारण बिल ज्यादा आ रहे हैं। कई बिल बिना मीटर रीडिंग के भेजे जा रहे हैं। विभाग समस्याओं के निराकरण को उपभोक्ताओं के मीटरों को चेकिंग के लिए हरिद्वार, रुड़की, देहरादून भेजता था। चूंकि जिले में मीटर टेस्टिंग लैब नहीं थी, लेकिन अब विभाग ने एक करोड़ की लागत से जर्मनी से इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्ट मशीन खरीदी है। साथ ही इसके लिए 50 लाख की लागत से प्रयोगशाला से लेकर अन्य सुविधाएं जुटाई है। नवदुर्गा मंदिर के निकट बनी लैब में मीटरों की चेकिंग का कार्य शुरू हो गया है, जिसमें घरेलू, व्यवसायिक, सौर ऊर्जा, पावर हाउस आदि के मीटरों की टेस्टिंग की जा सकेगी। मीटर रीडिंग डिविजन के ईई दीपकपाल आर्य का कहना है कि एक करोड़ की लागत से जर्मनी से टेस्ट मशीन खरीदी गई है। इसके लिए लैब बनाई गई है। अब भी तक करीब दो सौ मीटरों की चेकिंग हो चुकी है।