भिलंगना ब्लॉक के दर्जनों गांवों की शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों में अब शराब बंदी का असर दिखने लगा है। पहले की अपेक्षाकृत अब गांवों में कॉकटेल पार्टी का आयोजन कम हो गया है, लेकिन सरकारी सहयोग नहीं मिलने के कारण महिला मंगल दल, नव युवक मंगल दल की यह मुहिम पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रही है।
विकास खंड भिलंगना में गत तीन वर्षों से नशा मुक्ति आंदोलन क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं के सहयोग से उत्तराखंड जन विकास परिषद चला रहा है, जिसका असर क्षेत्र में इन दिनों हो रही शादी विवाह में कुछ हद तक देखने को मिला है।
क्षेत्र के गांवों में महिला मंगल दल, नव युवक मंगल दल, सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से परिषद शराब मुक्ति आंदोलन चला रहा है। घनसाली, चमियाला, आरगढ़, गोनगढ़, केमरबासर, बूढाकेदार, ग्यारहगांव, हिंदाव, नैलचामी, कोटिफैगुल, भिंलग पट्टी के अधिकांश गांवों में इन दिनों शादी-विवाह में कॉकटेल पार्टी का आयोजन नहीं हो रहा है।
शराब बंदी की मुहिम में जुटी नीलम सुरीरा, सुंदरा देवी, सरला, रंजना, शशि देवी, बिमला, प्रीति जोशी, रेखा डंगवाल, मनीषा, पुष्पा रावत का कहना है कि क्षेत्र के गांवों में महिलाएं शराब का विरोध कर जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन अभी भी शराब पूरी तरह से बंद नहीं हो पाई है। यदि इस कार्य को सफल बनाने में शासन-प्रशासन का सहयोग मिलता तो गांवों के हालात और बेहतर हो सकते हैं।