नई टिहरी। जल जीवन मिशन में भुगतान फंसने के कारण ठेकेदार नया काम करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। जिससे विभाग के सामने मिशन का अवशेष काम करना मुश्किल हो रहा है। ठेकेदार नहीं मिलने के कारण जल संस्थान को काणाताल पंपिंग पेयजल योजना का सुदृढ़ीकरण कार्य की निविदा तीसरी बार निकालनी पड़ी। इस कार्य के तहत चंबा ब्लॉक के आराकोट गांव को पेयजल योजना से आच्छादित किया जाना है। संस्थान ने 21 अक्तूबर तक निविदा आमंत्रित की है।
चंबा-मसूरी फल पट्टी क्षेत्र में काणाताल और सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना बनी हुई है। बावजूद ग्राम आराकोट के 36 परिवार वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। इन परिवारों की पेयजल व्यवस्था गांव से दूर लगे एक हैंडपंप के भरोसे है। पानी के संकट से जूझ रहे ग्रामीण लंबे समय से वंचित परिवारों को पंपिंग पेयजल योजना से जोड़ने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें पानी नसीब नहीं हो पाया है। इन परिवारों को काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जोड़ने के लिए जल संस्थान को जल जीवन मिशन में 30 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है लेकिन संस्थान को अब ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं।
बताया गया कि इससे पहले भी विभाग ने दो बार निविदा आमंत्रित की थी लेकिन जल जीवन मिशन में कई ठेकेदारों का भुगतान फंसने से किसी ठेकेदार ने मिशन का काम करने के लिए टेंडर नहीं डाला। दूसरी बार आए एक ठेकेदार ने कुल लागत का 60 प्रतिशत अधिक पैसा मांगा। इस कारण दो बार निविदा निरस्त करनी पड़ी। अब संस्थान ने तीसरी बार निविदा जारी कर 21 अक्तूबर तक निविदा आमंत्रित की है।
आराकोट गांव को पेयजल लाइन से जोड़ने के लिए कुल 1400 मीटर पाइप बिछाए जाने हैं। ठेकेदार नहीं मिलने के कारण इससे पहले दो बार निविदा निरस्त करनी पड़ी। फिर से निविदा जारी की गई है। उम्मीद है, ठेकेदार टेंडर डालेंगे।
-प्रशांत भारद्वाज, ईई जल संस्थान नई टिहरी।