टिहरी बांध प्रभावित नंदगांव के लोग विस्थापन की मांग को लेकर शनिवार को दूसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे। शनिवार को पुनर्वास के ईई डीके सिंह से आंदोलनरत लोगों की दूसरे दौर की वार्ता भी विफल हो गई। पूर्व में ग्रामीणों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने पर सहमति नहीं बन पाई।
आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के बैनर तले नंदगांव के लोग छह दिनों से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार से समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, विक्रम सिंह, शैला देवी, रुसना देवी पुनर्वास कार्यालय परिसर में अनशन पर बैठे हुए हैं। शनिवार को वार्ता के लिए पुनर्वास के ईई डीके सिंह वार्ता के लिए पहुंचेे। उन्होंने आंदोलनरत लोगों को आश्वासन दिया कि नकद प्रतिकर बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें डेढ़ करोड़ से कम नकद प्रतिकर स्वीकार नहीं होगा। रिक्त भूखंडों की सूची अधिशासी अभियंता अवस्थापना पुनर्वास से मंगाई गई है। सूची प्राप्त होने के बाद दो दिसंबर को बांध प्रभावितों को भूमि का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।
आंदोलनरत लोगों ने पूर्व में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की, जिस पर ईई ने उन्हें कहा कि इस संबंध में उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाना है। जिस पर वार्ता विफल हो गई। धरना देेने वालों में भाजपा के विधानसभा संयोजक धन सिंह नेगी, अजयपाल नेगी, देव सिंह पुंडीर, जगदीश प्रसाद, मोहन सिंह, मुकेश पंवार, धीरेंद्र सिंह, साका देवी व मंजू देवी आदि बैठी रही।