गंगोत्री हाईवे का ऋषिकेश-चंबा पैच पर कई जगह भू-धंसाव हो रहा है, लेकिन बीआरओ इसके ट्रीटमेंट पर ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में बरसात में हाईवे धंसने से होने वाले बड़े हादसों से इनकार नहीं किया जा सकता है।
हाईवे गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा का प्रमुख मार्ग व टिहरी-उत्तरकाशी जिले की आवाजाही की दृष्टि से अहम है। हाईवे पर नरेंद्रनगर के कुम्हारखेड़ा क्षेत्र के ऊपर व फकोट के आसपास के क्षेत्र में भू-धंसाव की समस्या बनी है। हाईवे धंसाव वाले पैचों के ट्रीटमेंट को लेकर सीमा सड़क संगठन गंभीर नहीं है।
बीते साल बरसात के दौरान दुआधार व फकोट के पास राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका मरम्मत कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। दूसरी ओर करीब डेढ़ साल पूर्व बगड़धार में माउंड कार्मल क्रिश्चियन स्कूल के समीप क्षतिग्रस्त राजमार्ग के एक बड़े हिस्से का ट्रीटमेंट कार्य भी अभी तक जारी है। यहां हाईवे के किनारे लगी मिट्टी की ढांग व क्षतिग्रस्त हाईवे के पैच से राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।