कोरोना संक्रमण काल में देश-विदेश से अपने गांव लौट रहे लोगों की देखरेख के लिए ग्राम स्तर पर 1035 निगरानी समिति बनाई गई है। समिति में प्रधान समेत छह सदस्य बनाए गए हैं, जो गांव में आने वाले प्रवासियों की रिपोर्ट से लेकर उन्हें क्वारंटीन करवाने का काम करेंगे।
सीडीओ अभिषेक रुहेला ने बताया कि कोरोना के चलते जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक प्रवासी को गांव में ही निर्धारित आइसोलेशन केंद्र में सात दिनों के लिए रखा जाएगा। बताया कि गांव में स्थित विद्यालय भवन, पंचायत भवन, बरात घर, सामुदायिक भवन, मिलन केंद्र को आइसोलेशन केंद्र बनाया गया है। आइसोलेशन पर रखे गए व्यक्तियों के स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल, उनके मिलने वालों का वितरण सहित संपूर्ण लेखाजोखा रखने की जिम्मेदारी भी ग्राम निगरानी समिति को दी गई है। समिति में संबंधित गांव के ग्राम प्रधान, राजस्व उपनिरीक्षक, वीडीओ, वीपीडीओ, आशा, आंगनबाडी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। सीडीओ ने बताया कि प्रवासियों की जानकारी जिले के प्रवेश द्वारों, चेक पोस्ट से ग्राम प्रधान को दी जाएगी। समिति के दैनिक कार्य का ब्लॉक स्तर पर संबंधित एसडीएम, बीडीओ करेंगे। जबकि जिला स्तर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए आनंद सिंह भाकुनी नोडल अधिकारी के रूप में देखेंगे।
दूसरी ओर कोविड-19 के नोडल अधिकारी व सीडीओ ने बताया की जिले में स्वास्थ्य विभाग हर स्वास्थ्य केंद्र और गांव-गांव जाकर अधिकाधिक लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेज रहे हैं। लक्षण युक्त व्यक्तियों के लिए अब तक कुल 7500 मेडिकल किट तैयार कर संबंधित एसडीएम के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाया जा चुका है।