सरकार एक तरफ आईटीआई के माध्यम से कौशल विकास को बढ़ावा देने की बातें कर रही है, लेकिन छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए खोला गया बौराड़ी आईटीआई का नई टिहरी में विलय कर कार्यदेशक, अनुदेशक समेत 18 पदों को समाप्त कर दिया गया है। आईटीआई कर्मचारी संघ ने पदों को समाप्त करने पर रोष व्यक्त किया। बौराड़ी आईटीआई में वर्तमान में 72 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
लंबे समय से बौराड़ी में आईटीआई संचालित हो रहा था। भवन के अभाव में स्वीकृत ट्रेड शुरू नहीं हो पा रहे थे। यहां पर लगभग एक करोड़ की लागत से भवन, कर्मशाला बनकर तैयार है। बावजूद अब सरकार ने बौराड़ी आईटीआई का विलय नई टिहरी में कर दिया है। प्रधानाचार्य, कार्यदेशक, कनिष्ठ सहायक, भंडारी, कार्यशाला परिचर के एक-एक, अनुदेश के छह, चौकीदार के पांच और स्वच्छकार के दो पदों को समाप्त कर दिया है। आईटीआई नई टिहरी में 243 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिससे विलय आईटीआई के अधिकांश पदों को समाप्त किए जाने से छात्रों को प्रशिक्षण कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक है। संघ के जिलाध्यक्ष मेजर सिंह पुंडीर, मंडलीय सचिव विनोद बडोनी आदि का कहना है कि जब सरकार को आईटीआई का विलय करना था, तो एक करोड़ का भवन नहीं बनाना चाहिए था। प्रधानाचार्य पल्लवी का कहना है कि दोनों आईटीआई की दूरी काफी नजदीक है। संभवता इसी कारण विलय हुआ होगा। पदों को शासन ने ही समाप्त किया है।