निर्धारित पांच साल की अवधि में एमबीबीएस उत्तीर्ण नहीं करने वाले छात्र-छात्राओं को श्रीनगर मेडिकल कालेज का छात्रावास छोड़ना पड़ेगा। एमबीबीएस/इंटर्न/जेआर छात्रावास मेें आंवटी के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति के रहने पर दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आवंटी का छात्रावास छोडना पड़ेगा। वहीं, छात्रावास कक्ष के बाहर वहां रहने वाले की पूरी सूचना चस्पा करनी पड़ेगी।
छात्रावासों में अनुशासन बनाए रखने के मकसद से छात्रावास वार्डन/सह वार्डन की बैठक में निर्णय लिया गया कि जो भी छात्र-छात्रा पांच वर्ष की अवधि में उत्तीर्ण नहीं हो पाए, उनको 31 जुलाई तक छात्रावास खाली करना होगा। उनको अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
कहा गया कि यूजी/इंटर्न/रेजिडेंट हास्टल में रह रहे छात्र-छात्रा/इंटर्न/जेआर के अतिरिक्त कोई अनाधिकृत व्यक्ति नहीं रहेगा। यदि रुटीन/औचक निरीक्षण में कोई अनाधिकृत व्यक्ति पाया गया, तो संबंधितों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
हास्टल में रह रहे छात्र-छात्रा/इंटर्न/जेआर अपने कक्ष के बाहर अपना नाम, मोबाइल फोन नंबर, अभिभावक का नाम, अभिभावक का मोबाइल फोन नंबर और मूल पता लगी स्लिप चस्पा करेंगे। कालेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि इससे कालेज में अनुशासन बना रहेगा। छात्रावासों में अनावश्यक दबाव खत्म हो जाएगा। साथ ही कालेज मेें कोई अनैतिक गतिविधि संचालित नहीं हो पाएगी।