ऑलवेदर रोड पर बनाए गए कई डंपिंग जोन बारिश में ग्रामीणों के लिए आफत बन सकते हैं। डंपिंग जोन का मलबा रोकने के लिए जहां कई सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हैं, वहीं कई जगहों पर बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली और नारदाने नहीं बनाए गए हैं। रोड के ऊपर बसे कई ग्रामीणों को भूधंसाव का खतरा भी सता रहा है।
ऑलवेदर रोड का मलबा हाईवे के कई जगहों पर डंप किया गया है, लेकिन कई जगहों पर मलबा रोकने के लिए लगाई गई सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे बरसात में डंपिंग जोन का मलबा आसपास बसे गांव और खेती के लिए मुसीबत बन सकता है। चंबा-नागणी के बीच बनाया गया करीब 300 मीटर चौड़ा और 100 मीटर गहरे डंपिंग जोन की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे डंपिंग जोन का मलबा साबली और हंसवाण गांव के ग्रामीणों के खेतों में जा रहा है। हडम तल्ला में बनाए गए डंपिंग जोन का मलबा रोकने के लिए भी सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है। हडम मल्ला में भी पैदल रास्ता नहीं बनाए जाने से भूधंसाव का खतरा बना हुआ है। एनएच पर मुड़ियागांव में भी कई मकान भूधंसाव की जद में हैं। थौलधार ब्लाक के जौलंगी में बनाया गया डंपिंग जोन का मलबा रोकने के लिए भी सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है। एनएच पर ऑल वेदर रोड कटिंग के कारण कई मकान भूधंसाव की जद में हैं।
बीआरओ को डंपिंग जोन का मलबा रोकने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने और बरसाती पानी की निकासी के लिए नारदाने बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिन लोगों के मकानों को भूधंसाव का खतरा बना हुआ है। उन्हें चिह्नित कर मानसून आने से पहले वहां अतिशीघ्र सुरक्षा दीवार लगाने को कहा गया है।
-इवा आशीष श्रीवास्तव, डीएम, टिहरी।