उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विवि के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित गोष्ठी एवं कृषि प्रदर्शनी में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि केंद्र सरकार ने सूखा, जल भराव, जलवायु परिवर्तन, ओलावृष्टि आदि से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा से की जा सकती है। गोष्ठी में करीब सात सौ किसानों ने प्रतिभाग किया।
जिला कृषि अधिकारी सुरेश चंद सिंह ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। एसबीआई के फील्ड आफिसर दीपक कोठियाल, पीएनबी के प्रबंधक महेश नौटियाल ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में बताया कि किसानों को फसलों से बुआई से पहले आसपास के बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर बीमा करवाना चाहिए।
विवि के संयुक्त निदेशक प्रसार डा. आरजी उपाध्याय ने बताया कि बीमा योजना में सूखा, जलभराव, जलवायु परिवर्तन, ओलावृष्टि, आग लगने सहित कई अन्य आपदाओं को शामिल किया गया है। इस मौके पर डा. अलोक येवले, तेजपाल सिंह, कीर्ति कुमारी, संदीप तड़ियाल, विनोद रमोला, मंगलानंद डबराल, आनंद सिंह, विजयलक्ष्मी, राखी तड़ियाल आदि मौजूद थे।