नई टिहरी। नेपाल में आई आपदा से सबक लेते हुए हिमालय और प्रकृति के संरक्षण को लेकर संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने चेताया है। उन्होंने कहा कि हिमालय और प्रकृति से किसी भी तरह की छेड़छाड़ के गंभीर परिणाम हो सकते है। कहा जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन भी सुरक्षित रह पाएगा।
शहीद सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में गंगा विश्व सद्भावना समिति की ओर से बौराड़ी स्थित शहीद स्मारक में 24 सितंबर तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज के नई टिहरी पहुंचने पर समिति की ओर से हनुमान चौक पर स्वागत समारोह आयोजित किया गया। पत्रकारों से बातचीत में डॉ. दुर्गेश ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते है।
तीर्थाटन के दौरान श्रद्धालुओं को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति भी संवेदनशील रहना होगा। इससे आस्था के साथ हिमालय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष राकेश राणा, कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद उनियाल, गणेश प्रसाद भट्ट, गोविंद सिंह पुंडीर, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष टीकम सिंह चौहान, अनिता थपलियाल आदि मौजूद रहे।