नई टिहरी। चंबा ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज खंडकरी में कार्यरत अंग्रेेजी के प्रवक्ता डाॅ. अंबरीश चंद्र चमोली की गढ़वाली काव्यकृति बौड़िक ऐजा (लौट के आ जाओ) का विमोचन किया गया है। इसमें लोगों को पहाड़ की मिट्टी, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ने की भावपूर्ण पुकार है की गई है।
पलाम गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य भरत किशोर ने किताब का विमोचन किया गया। साहित्यकार डाॅ अंबरीश ने कहा कि इस कृति में सांस्कृतिक चेतना, प्राकृतिक सौंदर्य, सामाजिक परिवेश और पलायन की पीड़ा को गढ़वाली भाषा में पिरोया गया है। उन्होंने अपनी इस कृति को अपनी मां और मातृभूमि को समर्पित किया है। डाॅ. चमोली हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी के साहित्यकार हैं। इस मौके पर पुरुषोत्तम रणाकोटी, गणेश रतूड़ी, पियूष भट्ट, आदित्य नौटियाल, अशरुपी चमोली, दिनेश कोठियाल और संजय चमोली आदि मौजूद थे। संवाद