सौंग बांध से प्रभावित होने वाले टिहरी जिले के रगड़गांव, घोड़साल गांव और सोधना गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए जन सुनवाई आयोजित की गई। जन सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को भूमि के बदले भूूमि, आवास के बदले आवास और प्रभावित होने वाले प्रत्येक परिवार के एक-एक सदस्य को परियोजना में स्थायी रोजगार देेने की मांग प्रमुखता से उठाई। डीएम डा. वी षणमुगम की ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों को पेयजल, विद्युत, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं मुहैय्या करवाई जाएंगी। डीएम ने कहा कि सौंग बांध परियोजना बनने से विकास कार्यों को गति मिलेगी।
इंटर कॉलेज रगड़ गांव में आयोजित जन सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने विद्युत, पेयजल और पुनर्वास की समस्याएं प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि सौंग नदी में अवैध खनन होने से आसपास के गांवों को भूस्खलन का खतरा बना है। अवैध खनन को रोके जाने के लिए प्रशासन से टीम गठित करने की मांग की गई। डीएम ने आश्वासन दिया कि जन सुनवाई में जो भी समस्याएं ग्रामीणों की ओर से दर्ज की गई हैं, जिला प्रशासन उन सभी मुद्दों पर डेढ़ माह में सोशल इंपेक्ट रिपोर्ट तैयार कर शासन को प्रेषित करेगा। ग्रामीणों ने बांध के चारों ओर रिंग रोड बनाने, माल देवता-घुत्तु, गंधकपानी, दुबड़ा-रगडग़ांव, धारकोट-लगुवाकोट, बरनाली-घोड़साल सड़क निर्माण करने की मांग भी उठाई। इस मौके पर जीएमवीएन के अध्यक्ष महावीर रांगड़, एसडीएम धनोल्टी रजा अब्बास, डोईवाला लक्ष्मीराज चौहान, सिंचाई विभाग के एसई पीएस पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी, जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल, प्रधान भरत कोठारी, जय कंडारी, वीरेंद्र सिंह मौजूद रहे।