26 सितंबर को लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकारों के साथ प्रशासन की होगी बैठक
नैनबाग (टिहरी)। पिछड़ी अनुसूचित जनजाति विकास व लखवाड़ बांध संघर्ष समिति ने यमुना नदी पर बन रहे 300 मेगावाट जल विद्युत परियोजना से प्रभावित काश्तकारों की छूटी परिसंपत्तियों का मुआवजा व प्रभावितों को रोजगार देने की मांग उठाई।
समिति के अध्यक्ष डॉ़ वीरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में समिति पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। समिति अध्यक्ष ने कहा कि लखवाड़ जल विद्युत परियोजना से क्षेत्र के लगभग 33 गांव प्रभावित हो रहे हैं। अधिकांश बांध प्रभावित ग्रामीणों की परिसंपत्तियों का लंबे समय से भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने डीएम से प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा राशि को बढ़ाकर देने की मांग की है।
प्रभावित युवा बांध निर्माण में लगी कंपनी से लगातार रोजगार की मांग कर रहे हैं लेकिन कंपनी प्रबंधन ग्रामीणों को रोजगार देने के नाम पर टाल मटोल करने में लगी है। प्रभावित लोगों को उनकी छानियों, घराट, फलदार पेड़, खेत-खलियान सहित अन्य परिसंपत्तियों का मुआवजा नहीं मिल पाया है जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
समिति सदस्यों ने नैनबाग में एसडीआरएफ की यूनिट खोलने, अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों, छूटी परिसंपत्तियों का मुआवजा देने, कृषि ऋण माफ करने आदि मांगे रखी। डीएम ने समिति सदस्यों को आश्वासन दिया कि 26 सितंबर को लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकारों के साथ बांध निर्माण में लगी कंपनी के अधिकारियों व प्रशासन की जिला मुख्यालय में बैठक की जाएगी। इस मौके पर अनुसूचित जाति समिति अध्यक्ष प्रदीप कवि, गंभीर सिंह रावत, विक्रम सिंह चौहान, संदीप चौहान, राकेश जौनपुरी, मनोज रावत आदि मौजूद थे।