नई टिहरी। केंद्र सरकार की ओर से टिहरी झील के विकास के लिए स्वीकृत 12 सौ करोड़ का पैकेज भी कोरोना संक्रमण के चलते अधर में लटक गया। झील क्षेत्र में पर्यटन विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल में पहली किश्त राज्य को देनी थी, लेकिन कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के कारण बजट नहीं मिल पाया है।
केंद्र सरकार ने टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए दिसंबर 2019 में 12 सौ करोड़ की स्वीकृति दी थी। पर्यटन विभाग ने झील क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों की डीपीआर मार्च में केंद्र सरकार को भेज दी थी। राज्य सरकार को उम्मीद थी कि अप्रैल में बजट मिल जाएगा, लेकिन इस बीच कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के चलते अभी तक बजट नहीं मिल पाया है। यदि बजट मिल जाता, तो झील के आसपास बोटिंग सुविधा बढ़ाने के लिए जैटी की स्थापना, वेलनेंस सेंटर, पार्किंग, नई टिहरी, बौराड़ी का सौंदर्यकरण, रिंग रोड आदि अवस्थापना सुविधाओं के काम होने थे। विधायक धन सिंह नेगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण खत्म होते ही झील के विकास से लेकर अन्य कामकाज शुरू होंगे।