उत्तराखंड किसान सभा ने केंद्र सरकार के प्रोत्साहन एवं सरलीकरण, सशक्तिकरण एवं संरक्षण और आवश्यक वस्तु संशोधन अध्यादेश का कड़ा विरोध करते हुए इसकी प्रतियां जलाई। उन्होंने केंद्र सरकार पर कोरोना संक्रमण की आड़ में किसान विरोधी फैसले लेकर बाजारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
सोमवार को किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में छोटे किसानों आजीविका को प्रभावित कर बडे कारोबारियों को लाभ पहुंचाने, खेती के वजाए व्यापार बढ़ाने, ठेका खेती को बढ़ाने, आवश्यक वस्तु अधिनियम को कमजोर करने के लिए अध्यादेश लाई है। इस मौके पर विशाल सिंह राणा, गुलाब सिंह कठैत, कृष्णा कठैत, मंगल सिंह, राजेंद्र सिंह, जोत सिंह नेगी, रणवीर लाल, गीता कठैत, सुंदरी राणा, सोनम बहुगुणा, मोहन सिंह, अवतार सिंह, बवीता राणा, धीरजमणी, मनीषा आदि मौजूद थे।
उधर, गोपेश्वर में भी उत्तराखंड किसान सभा ने किसानों के लिए पारित अध्यादेश की प्रतियां जलाई। कामरेड ज्ञानेंद्र खंतवाल और भूपाल सिंह रावत ने कहा कि सरकार ने किसानों को अपनी उपज को किसी को भी बिक्री करने की छूट दी है। यदि सरकार किसानों की उपज की खरीदारी नहीं करती है, तो उन्हें अपनी उपज के लिए कॉरपोरेट जगत पर निर्भर रहना पड़ेगा। इस मौके पर कामरेड राजपाल कन्याल, गीता बिष्ट, पुष्पा किमोठी आदि मौजूद थे।