लघु सिंचाई और ग्राम विकास के कार्य हो रहे प्रभावित
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर विकासखंड कार्यालय इन दिनों अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। टिहरी जिले के दूसरे सबसे बड़े विकासखंड जौनपुर में कई अहम पद लंबे समय से रिक्त चल रहे। इसका सीधा असर मनरेगा, ग्राम विकास, लघु सिंचाई सहित विभिन्न विकास योजनाओं के संचालन और निगरानी पर पड़ रहा है।
विकासखंड कार्यालय में लेखाकार के तीन स्वीकृत पदों के सापेक्ष वर्तमान में सिर्फ केवल एक कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि दो पद रिक्त हैं। ग्राम विकास अधिकारी के 9 पदों में से 7 पर ही तैनाती है और दो पद खाली हैं। सबसे खराब स्थिति मनरेगा अनुभाग की बनी हुई है जहां कनिष्ठ अभियंता (जेई) के 10 स्वीकृत पदों में केवल 4 पर ही तैनाती है जबकि छह पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। लघु सिंचाई में दो पदों के सापेक्ष केवल एक कर्मचारी कार्यरत है।
इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी और पत्रवाहक का एक-एक स्वीकृत पद भी रिक्त चल रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी, भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं, ग्राम पंचायतों के विकास कार्य और लघु सिंचाई योजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है।
जौनपुर विकास मंच के उपाध्यक्ष महिपाल सिंह रावत, महामंत्री खेमराज भट्ट का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर डीएम व सीडीओ को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। कर्मचारियों की कमी का खामियाजा विकासखंड क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विकासखंड में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त होने से कार्यों में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। मनरेगा में कनिष्ठ अभियंताओं की कमी के कारण योजनाएं समय पर तैयार नहीं हो पा रही है। रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। पद भरने का अनुरोध किया गया है।
-अर्जुन सिंह रावत, खंड विकास अधिकारी जौनपुर