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मंजगांव की खेती और बागवानी संवारने में जापान करेगा मदद

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जौनपुर ब्लाक के मंजगांव की खेती और बागवानी को संवारने के लिए कैशले जापान कंसलटिंग कंपनी आगे आई है। कंपनी पहले चरण में गांव के छह किसानों की खेतीबाड़ी को उन्नत करने के लिए स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) के लिए वित्तीय सहयोग दे रही है। गांव में जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की ओर से जिला उद्यान अधिकारी ने जापान का दौरा कर इसकी तकनीक का स्थलीय निरीक्षण किया। उनका अनुभव आने वाले समय में मंजगांव सहित पूरे जिले को मिल सकेगा।
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जौनपुर ब्लाक का मंजगांव आलू, प्याज, टमाटर, मटर, बीन, बंदगोभी, ब्रोकली के उत्पादन लिए प्रसिद्ध है। इस वर्ष जुलाई में कैशले जापान कंपनी ने गांव को गोद लिया था। इसके तहत कंपनी ग्रामीणों को जैविक खेती और इसमें तकनीकी का प्रयोग करने के लिए वित्तीय सहयोग देगी। कंपनी की ओर से डीएचओ डा. डीके तिवारी ने एक से सात नवंबर तक जापान के टोक्यो शहर का भ्रमण कर जरूरी जानकारी जुटाई। उन्होंने बताया कि जापान में पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, मंचिंग द्वारा प्याज की खेती करने, कृषि में मैग्नीशियम का महत्व, फ्यूजी प्रजाति के सेब का उत्पादन, जैविक खेती में प्रयोग की जाने वाली सामग्री का अवलोकन किया। बताया कि जापान में सब्जी, फलों की पैकिंग और ग्रेडिंग नवीन तकनीकी से होती है। रोबोटिंग साइंस के जरिए उत्पादों की लेबलिंग कराई जाती है। बताया कि मंजगांव में पहले चरण में कुंदन सिंह, यशवंत सिंह, राजवीर सिंह, भागचंद रमोला, प्रेमदत्त, यशवंत सिंह की छह हेक्टेयर भूमि पर स्प्रिंकलर के जरिए सब्जी और फलोत्पादन करवाया जाएगा। इसके लिए 55 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार और 45 प्रतिशत धनराशि कैशले जापान कंपनी ने दिया है। इस तकनीकी में एक हेक्टेयर पर करीब 73 हजार की धनराशि खर्च होती है। कहा कि आने वाले समय में जिले के अन्य गांवों को भी इसका लाभ मिलेगा। जापान भ्रमण में उनके साथ कंपनी के कसंलटेंट व ट्रांसलेटर एनके अरोड़ा भी शामिल थे। मंजगांव में इन छह काश्तकारों द्वारा उत्पादित सब्जी के लिए जापान की कैशले कंपनी खुद ही बाजार की सुविधा मुहैया कराएगी।
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