हाईवे जाम करने के आरोप में जेल में बंद भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप रावत (पाटिल), संजय मैठाणी और एक अन्य ग्रामीण को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निजी मुचलके पर आठ दिन बाद रिहा कर दिया है। तीनों लोगों के रिहा होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जेल के बाहर स्वागत किया।
नवंबर 2014 में कटाल्ड़ी निवासी मृतक सचिन लखेड़ के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने चंबा-ऋषिकेश हाईवे पर नागणी के पास जाम किया था। पुलिस ने जाम के आरोप में संदीप रावत, संजय मैठाणी, मृतक के ससुर उपेंद्र दत्त उनियाल समेत कई ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
कोर्ट के निर्देश पर 22 अगस्त को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन आरोपियों ने जमानत लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया था। मंगलवार को तीनों लोगों ने सीजेएम चंद्रमणी राय की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया।
सीजेएम ने तीनों को 15-15 हजार के निजी मुचलके एवं दो-दो जमानती पेश करने पर जेल से रिहा करने के आदेश दिए। रिहा होने पर भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय नेगी, महामंत्री दिनेश डोभाल, सतवीर पुंडीर, सुनील बिजल्वाण, रागिनी भट्ट, बुद्धि सिंह पुंडीर, अरविंद मखलोगा ने कार्यकर्ताओं का स्वागत किया।
रिहा होने पर युवा मोर्चा के अध्यक्ष संदीप ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने झूठे मुकदमे दर्ज कर निर्दोष लोगों को जेल भेजा है, जबकि सचिन के असली हत्यारोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि सचिन को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।