फलेंडा जल विद्युत परियोजना में दस वर्षों से काम कर रहे श्रमिक भगत सिंह पुत्र शेर सिंह को ब्रेन ट्यूमर होने पर कंपनी ने उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया है। इससे नाराज ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों का घेराव कर पीड़ित की पत्नी को नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन किया जाएगा।
फलेंडा निवासी भगत सिंह (32) पुत्र शेर सिंह भिलंगना लघु जल विद्युत परियोजना में 10 सालों से कंपनी की कैंटीन में काम कर रहा है। पिछले तीन माह पहले जब उसे ब्रेन ट्यूमर की शिकायत हुई, तो परिजनों ने उसे देहरादून अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज में जमा पूंजी खर्च होने पर परिजन जब मरीज को सोमवार को घर लेकर आए, तो परिजनों ने कंपनी से मदद मांगी। लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने उसे अपना कर्मचारी मानने से ही इनकार कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पावर हाउस में हंगामा किया। बीमार कर्मचारी के उपचार के लिए आर्थिक मदद और पत्नी को नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने मांगे नहीं मानी, तो आंदोलन किया जाएगा। घेराव करने वालों में बचन सिंह, राकेश, राजेंद्र सिंह, विनोद, विजय भंडारी, विरेेंद्र सिंह आदि शामिल थे। इस बाबत कंपनी के प्रबंधक साईं बाबा का कहना है कि भगत सिंह कंपनी के ठेकेदार का श्रमिक है। मानवता के आधार पर कंपनी की ओर से इलाज के लिए 20 हजार रुपये दिए गए हैं। कंपनी अधिकारियों से वार्ता के बाद ही मदद के लिए निर्णय लिया जाएगा।