नई टिहरी। डॉक्टरों की कमी के कारण जिला अस्पताल बौराड़ी की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही है। अस्पताल में आईसीयू यूनिट का उद्घाटन चार साल पहले किया गया, लेकिन इसकी सेवा मरीजों को नहीं मिल रही है। आईसीयू में रखे लाखों के उपकरण धूल फांक रहे हैं।
जिला अस्पताल बौराड़ी में गहन चिकित्सा इकाई आईसीयू का निर्माण 274.51 लाख की लागत से किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पांच बैड क्षमता के इस आईसीयू यूनिट का उद्घाटन 2024 में किया गया। आईसीयू को शुरू करने के लिए एक चेस्ट फिजिशियन, चार चिकित्साधिकारी और एक निश्चेतक का पद स्वीकृत है, लेकिन एक भी चिकित्सक नहीं है।
डॉक्टरों के अभाव में पिछले डेढ़ साल से आईसीयू बंद पड़ा है। ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों को ऋषिकेश या फिर देहरादून रेफर करना पड़ता है। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार का कहना है कि आईसीयू को शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चिकित्सक लाने का आश्वासन तो देते है, लेकिन यह आश्वासन कब तक फलीभूत हो पाता है, यह देखना होगा।
अल्ट्रासाउंड कराने को चार दिन तक करना पड़ता है इंतजार
नई टिहरी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के स्वीकृत 40 पदों के सापेक्ष 23 ही कार्यरत है। रेडियोलाजिस्ट की स्थायी तैनाती न होने के कारण सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड हो पा रहे है। जिस कारण लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए इंतजार करना पड़ता है। स्थायी रेडियोलाजिस्ट नहीं होने के कारण श्रीदेव सुमन अस्पताल में कार्यरत रेडियोलाजिस्ट डॉ.नागेंद्र गौरोला तीन दिन नरेंद्रनगर और तीन दिन जिला अस्पातल बौराड़ी में अपनी सेवाएं दे रहें हैं।
इनका क्या है कहना
जिला असस्पताल में बंद पडे़ आईसीयू यूनिट शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस महिने जिले को कुछ नए डॉक्टर मिलने की उम्मीद है। यदि नए डॉक्टर मिल जाते है तो आईसीयू की सेवा शुरू कर दी जाएगी।
-डा.श्याम विजय, सीएमओ टिहरी
जारी-गंगादत्त थपलियाल