पुजाल्डी और खुरेत गांव में बादल फटने से हेंवल नदी में आई बाढ़ थम गई है, लेकिन नदी में जंगलों से आई राख क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। नदी के पानी में भारी राख होने के कारण पिछले दो दिनों से पंपिंग पूरी तरह से ठप हो गई, जिससे चंबा, बादशाहीथौल सहित दर्जनों गांवों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है। अब जल संस्थान टैंकरों से जलापूर्ति कराने की तैयारी कर रहा है।
पुजाल्डी और खुरेत गांव में पिछले दिनों पांच जगह एक साथ बादल फटने से बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ धराशाही हो गए थे। नदी के पानी के साथ जंगलों की आग की राख भी बह कर आई है। दो दिनों बाद भी नदी का गंदा पानी साफ नहीं हो पाया। हेंवल नदी से चंबा, बादशाहीथौल, रानीचौरी सहित दर्जनों गांवों के लिए पेयजल आपूर्ति की जाती है, लेकिन पंपिंग नहीं होने से क्षेत्र में पानी का संकट गहरा गया है।
निगम के अधिकारियों ने शनिवार शाम तक हेंवल नदी के काले पानी में कोई बदलाव नहीं होते देख अब टैंकरों से जलापूर्ति कराने का निर्णय लिया है। नगर के सुनील गोपाल कोठारी, रुकम सिंह ने कहा कि दो दिनों से जलापूर्ति नहीं हो पाई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत जल संस्थान के अवर अभियंता नीरज त्रिपाठी ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद भी पानी साफ नहीं हो पा रहा है। अब रविवार से पानी की आपूर्ति टैंकरों से की जाएगी।