थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक पिछले 10 माह से प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी के भरोसे चल रहा है। वह भी ब्लॉक कार्यालय से 82 किमी दूर इंटर कॉलेज में कार्यरत हैं, जिससे शिक्षकों की समस्याओं का समय से निराकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं स्कूलों में शिक्षण कार्य की मॉनेटरिंग भी नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के लोगों ने सीईओ को ज्ञापन भेजकर स्थायी बीईओ नियुक्त करने की मांग की है।
खंड शिक्षाधिकारी का अप्रैल 2024 में स्थानांतरण होने पर बीईओ कार्यालय से 82 किमी दूर जीआईसी दौंक में कार्यरत प्रधानाचार्य को कार्यभार दिया गया था, जिससे प्रभारी बीईओ कभी-कभी ही ब्लाॅक मुख्यालय में स्थित कार्यालय पहुंच पाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीईओ की अनुपस्थिति में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। देहरादून-मसूरी से आवागमन करने वाले शिक्षक अक्सर मनमर्जी से कार्य करते हैं, जिससे शिक्षण कार्य खासा प्रभावित हो रहा है।
इस लापरवाही का खामियाजा छात्र-छात्राओंं को भुगतना पड़ रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के ब्लाॅक अध्यक्ष खेमराज भट्ट, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख महीपाल सिंह रावत, सोमवारी लाल नौटियाल और बचन दास भारती ने कहा कि जिस ब्लॉक में 10 माह से खंड शिक्षाधिकारी नहीं है, वहां की शिक्षण पटरी पर चलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अब बोर्ड परीक्षा के लिए भी एक माह का ही शेष रह गया है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी बाधित होना निश्चित है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल 2024 में बीईओ का स्थानांतरण होने पर ब्लॉक कार्यालय से 82 किमी दूर दौंक में कार्यरत प्रधानाचार्य को प्रभारी बीईओ का चार्ज दिया गया। वहां से ब्लॉक की मॉनेटरिंग करना संभव नहीं है, जिसका विपरीत असर निश्चित रूप से शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने जल्द ही स्थायी बीईओ की नियुक्ति करने की मांग की है।