नई टिहरी। नरेंद्रनगर निकाय कालोनी में बाहरी लोगों ने कब्जा किया हुआ है। ऐसे में निकाय के कर्मचारियों को दूसरे विभागों के आवासीय भवनों में शरण लेनी पड़ रही है।
बता दें कि पालिका नरेंद्रनगर ने 90 के दशक के शुरुआत में न्यू कालोनी का निर्माण केंद्रीयकृत कर्मचारियों के लिए किया था, जिन्हें अधिशासी अधिकारी, एकाउंटेंट, अवर अभियंता स्तर के अफसरों को आवंटन किया जाना था। पांच सेटों वाली इस कालोनी में शुरुआती कुछ वर्षों में निकाय के अफसरों का आवास रहा, लेकिन बाद में अधिकारियों ने कालोनी छोड़ दी और अपने परिवार अन्यत्र निजी भवनों अथवा शहरी क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया।
इसके बाद निकाय ने इन्हें किराये पर रहने वाले अपने कर्मचारियों को आवंटित करने की बजाए बाहरी लोगों को दे दिए, जिन्हें निकाय प्रशासन अपना किरायेदार बता रहा है। जबकि सरकारी कालोनी में रह रहे कई लोगों के निकाय क्षेत्र, आसपास के गांवों में अपने भवन हैं। नियमानुसार ऐसे लोगों को सरकारी आवास आवंटित नहीं किए जा सकते। निकाय कर्मी राजेंद्र कुमार ने बताया कि वे काफी समय तक आवास आवंटन की गुहार लगाते रहे, लेकिन नहीं मिलने पर वे लोनिवि की कालोनी में रह रहे हैं। पालिका के एकाउंट अफसर प्रीतम सिंह नेगी का कहना है कि कालोनी में रहने वालों को नियमानुसार किरायेदार के तौर पर आवास दिए गए हैं। प्रभारी ईओ संजय कुमार का कहना है कि उक्त मामला संज्ञान में नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा।
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कई दफा बिक चुके हैं सरकारी आवास
सूत्रों के अनुसार कालोनी में शुरुआती दौर में कब्जा करने वाले कई लोगों ने आवास खाली कर दूसरे लोगों को देकर औने-पौने दाम वसूल लिए। इसी तरह कालोनी के आवास अब तक कई लोगों को बेचे जा चुके हैं।