ऋषिकेश-चंबा-धरासू हाईवे पर रविवार को हुए हादसे के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने सोमवार को हिल कटिंग का कार्य बंद करवा दिया। बीआरओ अब जगह-जगह खोदी गई सड़क के मरम्मत कार्य में जुट गया है। भद्रकाली से चंबा के बीच पहाड़ कटिंग का कार्य बंद होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हाईवे पर वाहन सरपट दौड़ते रहे। लोगों को कहीं भी सड़क खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ा।
रविवार को ऋषिकेश-चंबा-धरासू हाईवे पर नरेंद्रनगर बगरधार के पास कांवड़ यात्रियों के वाहनों के ऊपर पत्थर गिरने से चार शिवभक्तों की मौत हो गई थी और आठ अन्य यात्री घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने ऑल वेदर परियोजना के तहत पहाड़ कटिंग कार्य का विरोध किया था। उनका कहना था कि बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनों से लगातार पहाड़ कटिंग का कार्य चल रहा है, जिससे पहाड़ियां कमजोर हो गई है। बरसात का सीजन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए हिल कटिंग का कार्य रोक दिया जाना चाहिए।
शिवभक्तों के साथ हुए हादसे और स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने रविवार को बीआरओ को 31 जुलाई तक पहाड़ कटिंग कार्य बंद करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में सोमवार से बीआरओ ने हाईवे पर पहाड़ कटिंग का कार्य बंद कर दिया है। पहाड़ कटिंग के कारण मलबा गिरने से हाईवे बार-बार अलग-अलग स्थानों पर बाधित हो रहा था, जिससे हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को हर 20-25 मीटर की दूरी पर मलबा साफ होने का इंतजार करना पड़ रहा था। सोमवार को पहाड़ कटिंग कार्य बंद होने से हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा। प्रशासन के सख्ती दिखाने पर ऑल वेदर परियोजना निर्माण में लगी कार्यदायी संस्थाओं ने सड़क किनारे जगह-जगह डंप पड़े मलबे को हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है।