पार्थिव शरीर कंडारी गांव पहुंचते ही गमगीन हो गया था माहौल
नई टिहरी। मध्य प्रदेश के भोपाल में ट्रेनिंग के दौरान हुए हादसे में हवलदार विजय सिंह गुसाईं का निधन हो गया था। पार्थिव शरीर पैतृक कंडारी गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। लोगों ने विजय सिंह अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कोटेश्वर घाट पर लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदा किया।
गजा तहसील के कंडारी गांव निवासी 7वीं गढ़वाल राइफल में तैनात विजय सिंह गुसाईं बीते 23 जून को प्रशिक्षण के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे। सेना अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। बुधवार को सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। लोगों ने शहीद अमर रहे के नारे लगाते हुए उनकी माता कमली देवी, पत्नी पूजा देवी, भाई विक्रम सिंह, बेटा अर्नव, अविरल को ढांढस बंधाया। इसके बाद सैकड़ों लोग अंतिम संस्कार यात्रा में शामिल हुए। उनका अंतिम संस्कार पैतृक घाट कोटेश्वर में किया गया।
उनके पुत्र अर्नव और भाई विक्रम सिंह ने मुखाग्नि दी। सेना, पुलिसकर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम यात्रा में पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, नगर पंचायत गजा के अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, हिमांशु बिजल्वाण, पूर्व सैनिक संगठन के देव सिंह पुंडीर, कृष्णा ममगाईं, गिरीश बंठवाण, चतर सिंह, बीर सिंह रावत, राजेश रावत, जोत सिंह असवाल, शूरवीर गुसाईं, ईश्वरी बिजल्वाण शामिल हुए।