राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में छात्रों की सेहत से अभी भी खिलवाड़ बंद नहीं हो पाया है। बृहस्पतिवार को भी नाश्ता कम पड़ने के चलते कई छात्रों को बिना नाश्ते के ही रहना पड़ा। बाद में प्राचार्य की उपस्थिति में दिन का भोजन बनने पर ही सभी बच्चों ने भरपेट भोजन किया।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय जाजल में छात्रों को मेन्यु के हिसाब से भोजन नहीं मिलने और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखे जाने पर बुधवार दोपहर को छात्रों ने भोजन करने से इनकार कर दिया था। प्राचार्य सीएल सचान ने कैंटीन का निरीक्षण कर दोबारा अपनी देखरेख में भोजन बनाया। तब जाकर छात्र भोजन करने को राजी हुए। बृहस्पतिवार सुबह भी नाश्ते में पहले छात्राओं के बाद छात्रों का नंबर आते ही नाश्ता कम पड़ गया था, जिससे कई छात्र बिना नाश्ते के ही रह गए। इसे देखते हुए दोपहर में प्राचार्य सचान ने कैंटीन संचालक को छात्रों की संख्या को देखते हुए पूरी मात्रा में भोजन बनाने को कहा। इसके बाद दिन में सभी छात्रों ने पूरा भोजन किया। शाम को तहसीलदार नरेंद्रनगर हरीश चंद्र जुयाल ने भी विद्यालय का निरीक्षण कर छात्रों की शिकायतें दर्ज की। उन्होंने विद्यालय प्रशासन और कैंटीन संचालक को मेन्यू के हिसाब से भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को सही किए जाने के निर्देश दिए।
कोट
अक्तूबर से बिल का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसी तरह से छात्रों को भोजन कराया जा रहा है। भोजन बनाने में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
-राजवीर मियां, कैंटीन संचालक
बजट की कमी और कोषागार में लंबी चली हड़ताल के चलते कैंटीन संचालक के बिल लंबित पड़े हैं। अब बिलों को लगाया जा चुका है। जल्द ही पुराने बिलों का भुगतान कर दिया जाएगा
-सीएल सचान, प्राचार्य राजीव गांधी नवोदन विद्यालय जाजल
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय जाजल के छात्रों की शिकायत पर प्राचार्य से पूरी जानकारी ले ली गई है। उन्हें कैंटीन संचालन का पेडिंग बिल भुगतान जल्द करने को कहा गया है। एसडीएम को कैंटीन में भोजन की जांच करने को वहां भेजा गया है।
-ज्योति नीरज खैरवाल, डीएम टिहरी
पांच कमरों में रह रहे 190 छात्र
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के 190 छात्र पांच कमरों में रहने को मजबूर हैं। स्थिति यह है बच्चे दिन में पढ़ाई करते हैं और रात को उन्हीं कमरों में सोते हैं। ठंड में बच्चों को गर्म पानी तक नहीं मिलता है और कपड़े धोने के लिए उन्हें गदेरे में जाना पड़ता है।
जर्जर कमरों में चल रही कैंटीन
नवोदय विद्यालय जाजल की कैंटीन के हालत दयनीय बनी है। कैंटीन के अंदर बच्चों के लिए बैठने की जगह नहीं होने के कारण बच्चों को खुले में ही भोजन करना पड़ता है। विद्यालय में प्राथमिक चिकित्सा भी नहीं है।