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फिर थमी पहाड़ में विकास की रफ्तार

Sat, 03 Sep 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
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पहाड़ - फोटो : file photo
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पहाड़ के लिए हर बरसात जख्म लेकर आती है। हर बार ही सड़कें, स्कूल भवन, पेयजल योजनाएं, विद्युतीकरण, पुलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश में सब धुल जाता है। ऐसे में जो धन विकास कार्यों पर खर्च होना था, वह सरकारी संपत्तियों के पुनर्निर्माण पर खर्च हो जाता है। इससे पहाड़ विकास की दौड़ में फिर पिछड़ जाता है। इस बार की बारिश में अकेले उत्तरकाशी जिले को एक अरब तीन करोड़ 96 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि टिहरी जिले में लोनिवि को 40, पौड़ी में 32 करोड़ का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं चमोली जिले में बारिश से 105 पेयजल योजनाएं और रुद्रप्रयाग में राजमार्ग सहित 60 सड़कें ध्वस्त हुई।
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जिले में आपदा से हुआ एक अरब का नुकसान
उत्तरकाशी। जिले में करीब एक अरब तीन करोड़ 96 लाख 11 हजार रुपये की सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान हुआ है। जिले में छह करोड़ 33 लाख 83 हजार की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, नौ करोड़ 71 लाख 73 हजार के 147 पुलों को भी भारी क्षति पहुंची है। दस करोड़ 63 लाख 21 हजार की 305 पेयजल योजनाएं ध्वस्त हुई। सिंचाई विभाग की 14 करोड़ 82 लाख 26 हजार की 355 योजनाओं का नुकसान हुआ है। ऊर्जा निगम को एक करोड़ 33 लाख 19 हजार की क्षति हुई है। तीन करोड़ 10 लाख 46 हजार के 84 स्कूल भवनों को नुकसान हुआ है। विभिन्न विभागों में हुए नुकसान का आंकलन लेकर सरकार को पुनर्निर्माण के लिए एक अरब तीन करोड़ 96 लाख 11 हजार का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।


लोनिवि को हुआ 40 करोड़ का नुकसान
नई टिहरी। इस वर्ष हुई भारी बारिश से सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन पुनर्निर्माण कार्यों के लिए अभी तक विभागों को एक धेला तक नहीं मिल पाया है। सबसे अधिक लोनिवि को ही 40 करोड़ 17 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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इसमें लोनिवि को 31 करोड़ 19 लाख, पीएमजीएसवाई को 7 करोड़ 39 लाख और एडीबी, एडीबी आपदा और विश्व बैंक को एक करोड़ पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि नेशनल हाइवे की 15 करोड़ की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह ने बताया कि अभी तक मरम्मत कार्यों के लिए 48 लाख रुपये ही मिले हैं। नेशनल हाइवे के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 15 करोड़ के नुकसान के सापेक्ष केंद्र सरकार से अभी तक कोई धनराशि नहीं मिली है। इसी तरह ऊर्जा निगम के ईई शक्ति प्रसाद ने बताया कि आपदा से निगम को तीन करोड़ रुपये के नुकसान के सापेक्ष आपदा मद से कोई पैसा नहीं मिला है। पालिका को भी तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। पालिकाध्यक्ष उमेशचरण गुसाईं ने बताया कि अभी पालिका को आपदा मद से कोई धनराशि नहीं मिल पाई है।

लघु सिंचाई विभाग की 105 योजनाएं क्षतिग्रस्त
गोपेश्वर। हाल की आपदा से चमोली जनपद में सरकारी परिसंपत्तियों को 40 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन ने आपदा नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है। सबसे ज्यादा नुकसान घाट और दशोली ब्लॉक में हुआ है। आपदा से सबसे ज्यादा लघु सिंचाई विभाग को नुकसान हुआ है। विभाग की 105 योजनाएं आपदा की भेंट चढ़ीं हैं। सिंचाई विभाग की 33 योजनाएं, जल संस्थान की 95, पेयजल की 30 और लोनिवि की 110 योजनाएं आपदा में क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि आपदा से जनपद में 40 करोड़ के नुकसान का आंकलन किया गया है। जनपद में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शासन से जिला प्रशासन को सात करोड़ की धनराशि मिली है।

60 सड़कें भूस्खलन की चपेट में
कर्णप्रयाग। आपदा से ग्रामीण सड़कों को पांच करोड़ की चपत लगी है। पिछले तीन माह की बारिश से पीएमजीएसवाई की करीब 60 सड़कें भूस्खलन की चपेट में आई हैं। प्रभारी अधीक्षण अभियंता बीएस रावत का कहना है कि सड़कें खोलन में करीब 70 से 80 लाख खर्च हो चुके हैं, जबकि विभाग को महज आठ लाख ही मिले हैं। वहीं जल संस्थान कर्णप्रयाग डिवीजन के तहत 55 ग्रामीण, 36 ग्राम पंचायत और 3 नगरीय क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ है, जिनकी मरम्मत के लिए करीब एक करोड़ 33 लाख 81 हजार की दरकार है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एनएस पयाल ने बताया कि अभी विभाग को केवल 17.47 लाख ही मिले हैं। वहीं लोनिवि को 7-8 करोड़ का नुकसान हुआ है। पालिका ने 56 लाख की डिमांड शासन को भेजी है।


जिले को हुआ 15 करोड़ का नुकसान
रुद्रप्रयाग। बारिश से जिले में अभी तक 15 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। तीनों राजमार्ग सहित 60 से अधिक मुख्य व संपर्क सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड व ऊखीमठ-मंडल तीनों राजमार्गों पर करीब आठ करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, लोनिवि प्रांतीय खंड की 25, ऊखीमठ डिवीजन की 13 और पीएमजीएसवाई की 17 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई। स्थायी मरम्मत के लिए विभागों को 10 करोड़ रुपये की जरूरत है। इधर, पालिका 20 लाख का नुकसान हुआ है। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि व ऊखीमठ को भी बरसात से खासा नुकसान हुआ है। उधर, ऊर्जा निगम को भी एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।


331 सड़कें क्षतिग्रस्त, 32 करोड़ की क्षति
पौड़ी। जनपद में बारिश से 331 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे करीब 32 करोड़ 32 लाख 7 हजार रुपये की क्षति हुई है। इसमें अकेले लोनिवि की 223 सड़कें शामिल हैं। सड़कों को अस्थायी रूप से खोलने में लोनिवि के अब तीन करोड़ दस लाख रुपये खर्च हुए और नौ करोड़ 65 लाख रुपये की दरकार है। भूस्खलन से प्रांतीय खंड पौड़ी की 44, निर्माण खंड पौड़ी की 29, निर्माण खंड श्रीनगर की 23, प्रांतीय खंड लैंसडौन की 34, निर्माण खंड दुगड्डा की 25, निर्माण खंड बैजरों की 35, पाबौ की 33, पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड श्रीनगर की 21, कोटद्वार की 20, सतपुली की 17, पीएमजीएसवाई बैजरों की पांच, विश्व बैंक लोनिवि पौड़ी की 19, एनएच की छह व एडीबी की 20 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। अधीक्षण अभियंता बीएन चौधरी ने बताया कि क्षति का आकलन कर प्रमुख अभियंता और डीएम को रिपोर्ट भेजकर धनराशि की मांग की गई है।
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