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एवरेस्ट विजेता दिनेश रावत के नाम पर हुई साहसिक खेल एकेडमी

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नई टिहरी में पत्रकार वार्ता करते विधायक धन सिंह नेगी। - फोटो : NEW TEHRI
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कोटी कालोनी में निर्मित राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी अब दो बार के माउंट एवरेस्ट विजेता नायब सूबेदार दिनेश सिंह रावत के नाम से जानी जाएगी। सीएम ने फरवरी में दिनेश रावत के नाम पर एकेडमी रखने की घोषणा की थी। जिसको लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। इसके साथ ही जीआइसी नकोट को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर भगवान सिंह मखलोगा के नाम पर रखा गया है।
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रविवार को विधायक धन सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि सरकार टिहरी विधानसभा क्षेत्र के विकास और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान के लिए निरंतर काम कर रही है। कहा कि तुंगोली निवासी नायब सूबेदार व दो बार के एवरेस्ट विजेता रहे स्व. दिनेश सिंह रावत के नाम पर सरकार ने कोटी कालोनी में बनी साहसिक खेल एकेडमी कर दी है। अब दिनेश सिंह रावत साहसिक खेल एकेडमी जानी जाएगी। साथ ही राजकीय इंटर कालेज नकोट को भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर भगवान सिंह मखलोगा के नाम पर रखा गया है। बताया कि सरकार ने रानीचौंरी पंपिंग योजना के पुनर्गठन को 82 लाख, चंबा के पुनर्गठन को 92 लाख 86 हजार और चंबा में ही इंटर नेशनल सुलभ शौचालय के निर्माण के 28 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। बताया कि टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने को प्रयास किया जा रहा है। सरकार झील क्षेत्र के 95 किमी क्षेत्र का मास्टर प्लान करवा रही है। जिससे आने वालों दिनों में झील में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी। इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री विनोद रतूड़ी, उपाध्यक्ष सोहन लाल खंडेवाल, गोपीराम चमोली, पूर्व प्रमुख बेबी असवाल, रविंद्र सेमवाल, विक्रम कठैत, जय सिंह कठैत, रतन सिंह पंवार, रामेश्वरी लखेड़ा, अबरार अहमद, महाजन पंवार, असगर अली, राकेश लबली, भूपेंद्र चौहान, विजय कठैत, गबर सिंह, प्रभुदत्त सकलानी, उर्मिला राणा, कुसुम चौहान आदि मौजूद थे।
कौन है दिनेश सिंह रावत
नई टिहरी। जिले के चंबा ब्लॉक के तुंगोली गांव निवासी दिनेश रावत वर्ष 1997 में गढ़वाल राइफल की स्काउट बटालियन में सिपाही भर्ती हुए थे। दिनेश की जीवटता एवं स्फूर्ति के कारण एवरेस्ट अभियान के लिए उनका चयन हुआ। जून 2003 में भारत-नेपाल सेना के संयुक्त एवरेस्ट अभियान का हिस्सा बने और दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतह की। मई 2009 में निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) के बैनर तले एक बार फिर उन्होंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। इसके अलावा वर्ष 2005 में उन्होंने त्रिशूल पर्वत और वर्ष 2008 में संतोपंथ की चोटियों को भी फतह किया। अक्तूबर 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने उन्हें सूबेदार के रूप में पदोन्नति देकर सम्मानित किया। वर्ष 2003 में भी तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीज की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया गया। इसके अलावा वर्ष 2009 और वर्ष 2016 में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्रियों की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया गया। दिसंबर 2017 में दिनेश का निधन हो गया था।
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