पुलिस बल कानून व्यवस्था संभालने के साथ ही इस कोरोना काल में संक्रमित मरीजों और असहाय लोगों के लिए देवदूत बनकर मैदान में उतरी है। कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर और जरूरतमंदों को भोजन देने के साथ ही संक्रमित लोगों को अस्पताल पहुंचाने में मित्र पुलिस अपनी मित्रता बखूबी निभा रही है। पुलिस मिशन हौसला अभियान चलाकर अब तक कई लोगों की जान बचा चुकी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने मिशन हौसला शुरू कर महामारी से जूझ रहे लोगों तक मदद पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। अलग-अलग थानों में तैनात पुलिस कर्मी उनके इस मिशन को पूरा करने के लिए हर संभव आर्थिक मदद भी कर रहे हैं।
मदद के लिए 18 दिन में आई 135 फोन काल
मिशन हौसला में मदद के लिए पुलिस को अभी तक 135 मोबाइल कॉल आई है। अभियान में पुलिस नें 21 जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलिंडर देकर चार लोगों को अस्पताल में बेड दिलाने में मदद की। 79 लोगों दवाइयां और आठ लोगों को एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई। अब तक 647 लोगों को राशन किट और 1945 लोगों को भोजन कराया। 40 लोगों के घरों तक राशन व दूध पहुंचाई। 200 सीनियर सिटीजन की मदद की। 39 संक्रमित लोगों का दाह संस्कार भी किया।
केस-1
पौखाल के ग्राम मोलनों से 15 मई को सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी कि उनके पिता पूरन सिंह बिष्ट (76) कोरोना पॉजिटिव हैं। सूचना मिलते ही एसएसपी ने घनसाली पुलिस को बुजुर्ग की मदद करने के निर्देश दिए। सड़क से दो किमी दूर गांव पहुंची पुलिस ने उन्हें सड़क तक पहुंचाकर एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया।
केस- 2
देवप्रयाग थाना क्षेत्र में ग्राम महड़ के प्रधान होशियार सिंह ने सूचना दी कि गांव के जय सिंह (72) को लकवा पड़ गया है। उनके घर में बुजुर्ग पत्नी के अलावा कोई नहीं है। सूचना पर पुलिस सड़क से एक किमी दूर गांव पहुंची और बुजुर्ग को गोद में ही उठाकर सड़क तक पहुंचाया और एंबुलेंस से सीएचसी बागी भिजवाया।
मिशन हौसला से लोगों को मदद देने का प्रयास किया जा रहा है। इसका रिस्पांस भी अच्छा मिल रहा है। पहले पुलिस ने स्वयं के संसाधनों से मदद दी। अब कुछ स्वयं सेवी संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। कोई व्यक्ति मदद देना चाहता है, तो संबंधित थाने में दे सकते हैं।
- तृप्ति भट्ट, एसएसपी टिहरी।