प्रदेश सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे जगत सिंह नेगी की अंतिम इच्छा पूरी नहीं कर पाई है। आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे सेनानी आठ साल से अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे साथियों के नाम नैल गांव में एक पार्क, सिंहद्वार और स्मारक बनाने की मांग करते रहे थे।
उन्होंने पार्क आदि बनाने के लिए अपनी जमीन भी दान दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मांग करते हुए सालभर पहले उनका स्वर्गवास भी हो गया, लेकिन सरकार उनकी इच्छा पूरी नहीं कर पाई है।
चंबा ब्लॉक के ग्राम नैल ने देश को तीन-तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दिए हैं। उनमें शामिल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे चतर सिंह नेगी और कर्ण सिंह नेगी का काफी पहले स्वर्गवास हो गया था। उसके बाद वर्ष 2007-2008 से नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथ आजाद हिंद फौज में रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जगत सिंह नेगी दोनों सेनानी साथियों के नाम से नैल गांव में पार्क, सिंह द्वार और स्मारक बनाने की मांग करते रहे थे।
स्थानीय प्रशासन से लेकर तीन-तीन सीएम तक गुहार लगाई। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के जिलाध्यक्ष बचन सिंह नेगी ने बताया कि कई दिनों तक चक्कर काटने के बाद प्रशासन ने पटवारी को गांव भेजकर सेनानी जगत सिंह नेगी से भूमि का दाननामा कर प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन इस पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम सिंहद्वार व पार्क बन रहे हैं, तो नैल में भी बनना चाहिए। वहां अभी तक स्मारक व सिंहद्वार का निर्माण क्यों नहीं हुआ है, इसकी जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
-इंदुधर बौड़ाई, डीएम टिहरी।