स्वजल परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों का मार्च से वेतन और भत्तों के भुगतान की मांग को लेकर पांचवें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। उन्होंने कहा कि कर्मी लंबे समय से मांगों के निराकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट बना हुआ है। कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर समस्याओं का निराकरण न होने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान सभी कर्मी प्रशासन का सहयोग कर रहे है। फिर भी मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस मौके पर सुनीता नेगी, राकेश कुमाईं, दिनेश कंसवाल, नरेंद्र नेगी, नरेश भंडारी, अरविंद चंद, चंद्रवीर नेगी, शैलेंद्र रावत, प्रद्युम्न सिंह, केडी सकलानी आदि मौजूद थे। संवाद
पांचवें दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे स्वजल के कर्मचारी
रुद्रप्रयाग। वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिला परियोजना प्रबंधन इकाई स्वजल परियोजना के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार पांचवें दिन भी जारी रहा। कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए कार्मिकों ने मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने का निर्णय लिया है।
विकास भवन स्थित परियोजना के कार्यालय में एकत्रित हुए कर्मचारियों का कहना था कि कोरोना काल में उनके द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी दी गई है। बावजूद बीते मार्च माह से उन्हें वेतन भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उन्हें आर्थिकी तंगी से जूझना पड़ रहा है। कहा कि एक सप्ताह में उनका वेतन भुगतान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर पवींद्र नौटियाल, हेमा भंडारी, मनवर सिंह, अनपू नेगी, प्रकाश चंद्र, जगदंबा कुमार, सनोद कुमार, दिगंबर रौथाण आदि थे। दूसरी तरफ कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण जनपद में स्वजल परियोजना के तहत हो रहे कार्य भी व्यापक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। ब्यूरो