थौलधार ब्लॉक के गुसाईं पट्टी में खड़कली-साबली 10 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य आठ साल से अधर में लटका है, जिससे दर्जनभर गांव के लोगों को पांच-छह किमी पैदल नापने को मजबूर होना पड़ रहा है। सड़क नहीं बनने से ग्रामीण अपनी नकदी फसल बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गुसाईं पट्टी के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2008 में खड़कली-साबली मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी, लोनिवि चंबा ने तीन साल बाद बमुश्किल सड़क का निर्माण शुरू कर वर्ष 2013 में छह किमी बानी नामे तोक तक सड़क बनाकर अधूरी छोड़ दी।
उसके बाद सड़क से वंचित आबली-साबली आदि गांव के लोग चार किमी सड़क का निर्माण पूरा करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्र की रेखा देवी, जोन सिंह, विजय प्रकाश भट्ट और कुसुम नौटियाल ने बताया कि सड़क के अभाव में जहां ग्रामीण पांच-छह किमी पैदल नाप रहे हैं, वहीं लोग अपनी नकदी फसल मसूरी और दून मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
साबली तक सड़क बन जाती, तो कांडा, रैदोणी, गैर, सेदणा, लवाणी, नकोट और भंडार्की आदि गांव के लोगों का मसूरी-दून पहुंचना आसान हो सकता है, लेकिन कई बार कहने पर भी लोनिवि निर्माण कार्य पूरा नहीं कर रहा है।
खड़कली-साबली सड़क बानी नामे तोक तक बनकर तैयार हो गई है। खाड से आगे वन भूमि सड़क निर्माण में आड़े आ रही है। जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
-धीरज गुप्ता, सहायक अभियंता लोनिवि चंबा।