जल्द मिलेगी स्तन कैंसर जांच की सुविधा, लोगों को नहीं लगानी पड़ेगी दिल्ली की दौड़
कोटद्वार। बेस अस्पताल में बीईएल के सहयोग से मैमोग्राफी लैब स्थापित करने की कवायद शुरू हो चुकी है। मैमोग्राफी लैब स्थापित होने से अब स्तन कैंसर की जांच के लिए महिलाओं को एम्स दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
बेस अस्पताल में मैमोग्राफी की सुविधा न होने के कारण क्षेत्र की महिलाओं को स्तन कैंसर की शुरुआती जांच के लिए एम्स दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ रही है। इस सुविधा के न होने से कई महिलाएं स्तन कैंसर के कारण असमय काल का ग्रास बन जाते हैं। क्षेत्रवासी लंबे समय से बेस अस्पताल में मैमोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करते आ रहे थे।
बीईएल की ओर से सीएसआर फंड से बेस अस्पताल में मैमोग्राफी लैब स्थापित की जा रही है। इमरजेंसी के ठीक सामने बेसमेंट में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे के बाद अब मैमोग्राफी लैब भी स्थापित की जा रही है। बेस अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट पहले से ही तैनात है। डीएम स्वाति एस भदौरिया की अनुमति से इसके संचालन के लिए महिला तकनीशियन तैनाती होनी है। इसके लिए रेडिएशन प्रूफ कक्ष बनाया जा रहा है।
बीईएल की ओर से 1.20 करोड़ लागत की मैमोग्राफी मशीन उपलब्ध कराने के बाद अस्पताल में मैमोग्राफी लैब स्थापित की जा रही है। अगले एक-दो दिनों में लैब अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर हो जाएगी।
- डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक।