स्यांसू-कमांद-ज्वारना मोटर मार्ग का 18 किमी हिस्से पर आवाजाही बनी है जोखिमभरी
सड़क पर मिट्टी-पत्थर जमा होने से बना रहता है दुर्घटना का भय
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में स्यांसू झूला पुल से रतवाड़ी-कमांद-ज्वारना मोटर मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। 18 किमी सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण नहीं होने के कारण रोड पर गड्ढे हैं वहीं सड़क पर मिट्टी-पत्थर जमा होने से दुर्घटना का भय बना रहता है। स्थानीय लोगों ने 12 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत की मांग की।
स्यांसू-रतवाड़ी-कमांद-ज्वारना 18 किमी सड़क पीएमजीएसवाई ने अलग-अलग चरणों में बनाई लेकिन करीब 10-12 सालों से सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण नहीं हो पाया है। इससे सड़क बदहाल बनी है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र रांगड़, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख महावीर चंद रमोला, पूर्व प्रधान प्रेम सिंह महर ने बताया कि सड़क का पांच किमी क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि रोड से स्यांसू, रतवाड़ी, भैंसकोटी, नेरी, बरनू, तिखोन, लेंगर्थ, ल्वारखा और झकोगी सहित कई गांव के लोग सफर करते हैं। थौलधार क्षेत्र के ज्यादातर लोग मार्ग से सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी मंदिर के लिए भी बड़ी संख्या में जाते हैं लेकिन कच्ची सड़क के कारण धूल उड़ने से जहां वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं सवारियों को भी धूल उड़ने से परेशान रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पीएमजीएसवाई से लोनिवि चंबा को हस्तांतरित हो गई है लेकिन लोनिवि सड़क की दशा नहीं सुधार पाया है। इसका खामियाजा सड़क से सफर करने वालों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क पर बने खतरे को देखते हुए 18 किमी सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण जल्द शुरू करने की मांग की है।
सड़क पांच किमी क्षेत्र में ज्यादा खस्ताहाल है। यह रोड पीएमजीएसवाई से लोनिवि को कुछ समय पहले ही हस्तांतरित हुई है। 18 किमी सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण का इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।
-अमित कुमार रूसिया, सहायक अभियंता लोनिवि चंबा।