नरेंद्रनगर ब्लाक के 36 गांव के ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात दिलाने को निर्माणधीन भासौं घंटाकर्ण पंपिंग योजना का निर्माण आठ साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। पेयजल निगम की लापरवाही से निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। पंपिंग योजना का निर्माण न होने के कारण ग्रामीण पानी को तरस रहे हैं।
सरकार ने वर्ष 2012 में धारअकरिया, मखलोगी, कुंजणी पट्टी के 36 गांव 211 तोकों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए 45 करोड़ से भासौं घंटाकर्ण पंपिंग योजना स्वीकृत की थी। इसके लिए पेयजल निगम चंबा को कार्यदायी संस्था बनाकर दो साल के अंदर पंपिंग योजना का निर्माण पूरा करने को कहा था, लेकिन स्वीकृति के आठ साल में भी पंपिंग योजना का काम पूरा नहीं हो गया है। अभी तक एक दर्जन गांव में वितरण लाइन नहीं बिछाई गई है। साथ ही कुछ गांव में पूर्व में बिछाई गई लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। प्रगतिशील जन विकास संगठन के अध्यक्ष दिनेश उनियाल, प्रधान सुरेंद्र चौहान, सुरजीत नेगी, ज्योति पंत, राजेंद्र सजवाण, मकान चौहान, मनजीत नेगी, अनिल भंडारी, बिमला देवी, अंजली देवी, लक्ष्मी देवी, संगीता, सोनी ने बताया कि पंपिंग योजना का निर्माण न होने के कारण गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। बावजूद पेयजल निगम की लापरवाही से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने जल्द निर्माण कार्य पूरा न होने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी। ईई आलोक कुमार का कहना है कि पंपिंग योजना का निर्माण अंतिम चरण में हैं। अवशेष गांव में वितरण लाइन बिछाई जा रही है। इस गर्मी के सीजन में गांव में पेयजल आपूर्ति शुरू करवाई जाएगी।