अस्थायी कर्मियों के भरोसे चल रहे श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन ने लंबे समय बाद स्थायी नियुक्तियों के द्वार खोल दिए हैं। तृतीय श्रेणी के 10 पदों पर विवि प्रशासन सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति करने जा रहा है। विवि में कर्मचारियों की स्थायी नियुक्तियां होने से छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर डिग्री, प्रोविजन डिग्री, माइग्रेशन प्रमाणपत्र, अंकतालिका जारी होने की उम्मीद है। तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति करने के लिए विवि ने आवेदन पत्र जाम करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की है।
10 दिसंबर 2012 को श्रीदेव सुमन विवि अस्तित्व में आ गया था, लेकिन कर्मचारियों की सेवा नियमावली न होने से विवि में स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। 10 सालों से उपनल और आउटसोर्स के 45 कर्मचारियों के भरोसे विवि की व्यवस्थाएं चल रही है। सेवा नियमावली के बिना भले ही कुलसचिव, उप कुलसचिव, सहायक कुल सचिव और सहायक परीक्षा नियंत्रक के पदों पर शासन से अनुमति लेकर विवि ने नियुक्ति की है, लेकिन तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए विवि को सेवा नियमावली के रास्ते से ही होकर गुजरना होगा। सेवा नियमावली में भर्ती प्रक्रिया का स्वरूप, पदोन्नति, सेवा अवधि, प्रतिनियुक्ति आदि सेवा शर्ते निर्धारित रहती है।
लंबे इंतजार के बाद विवि प्रशासन निजी सहायक, सहायक लेखाकार, स्टोर कीपर, कनिष्ठ सहायक, कंप्यूटर प्रोग्रामर, सहायक जनसंपर्क अधिकारी पद पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। विवि की वेबसाइट www.sdsu.ac.in से अभ्यर्थी आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
वर्तमान में विवि से 167 निजी और 52 राजकीय महाविद्यालय संबद्ध है। छात्र संख्या डेढ़ लाख के लगभग है। कर्मियों की कमी के चलते विवि छात्र-छात्राओं को निर्धारित समय पर डिग्री, प्रोविजन डिग्री, माइग्रेशन प्रमाणपत्र, अंकतालिका जारी नहीं कर पाता था, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है। तृतीय श्रेणी के पदों पर स्थायी नियुक्तियां होने से विवि के कामकाज में तेजी आने और छात्रों का परीक्षा परिणाम समय पर घोषित होने की उम्मीद है।