नैनबाग के कोट गांव में नाग देवता से आर्शीवाद लेते श्रद्घालु।
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जौनपुर ब्लाक की इड़वाल्स्यु पट्टी के 15 गांवों का भ्रमण कर नाग देवता की डोली के अपने मुख्य थान कोट पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने स्वागत और दर्शन किया। इसके बाद मुख्य पुजारी सुमन लाल सेमवाल ने देवता का जलाभिषेक कर मंदिर में डोली स्थापित की।
क्षेत्र में आस्था का प्रतीक नाग देवता की डोली हर तीसरे साल पट्टी के 15 गांवों का भ्रमण करती है। डोली के विभिन्न गांवों में पहुंचने पर श्रद्धालु दर्शन करते हैं और देवता से घर- परिवार और गांव की खुशहाली की कामना करते हैं। इस दौरान जिस गांव में डोली पहुंचती है, उसमें रात के समय जागड़ा (जागर) का आयोजन होता है।
इस साल नाग देवता की डोली बीती 13 गते भादों यानि 28 अगस्त को श्रीकोट मेले के दौरान भ्रमण पर निकली थी, जो कोट, श्रीकोट, भटवाड़ी, बसाणगाव, ऐंदी, बिष्टोंसी, खसहोंसी, बमणगांव, खासकोटी, घियाकोटी, झंगेरी, घराड़ा, कठ्यूड़, आखली, पन्यार सेरी होते हुए 25 गते भादों यानि रविवार को मुख्य थान कोट पहुंची।
सोमवार को सभी गांवों के लोग दर्शन को मुख्य थान जुटेंगे। इसके बाद देवता की डोली आठ माह के लिए शीतकालीन वास पर रहेगी। अगले वर्ष अप्रैल में फिर से डोली को दर्शन के लिए निकाला जाएगा।