बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर, थौलधार और गाजणा पट्टी की करीब दो लाख की आबादी के आवागमन को बने डोबरा-चांठी पुल को अब लोकार्पण का इंतजार है। लोनिवि ने पुल के अवशेष कार्यों को पूरा करने के लिए 30 अक्तूबर की डेट लाइन निर्धारित की है। ऐसे में अभी तक सरकार की ओर से पुल के लोकार्पण की तिथि निर्धारित नहीं हुई है।
वर्ष 2006 से डोबरा-चांठी पुल का निर्माण शुरू हुआ था। शुरूआती दौर में दो साल के अंदर पुल को बनकर तैयार होना था, लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों से पुल समय पर नहीं बन पाया। बीते चार अक्तूबर को पुल के ऊपर वाहनों का ट्रायल सफल रहा था। कोरियाई कंसलटेंस जैकी किम ने भी छह अक्तूबर को लोनिवि को पुल की फाइनल टेस्टिंग रिपोर्ट सौंप दी थी। वर्तमान में डोबरा साइड से सड़क का डामरीकरण हो चुका है। चांठी की तरफ 14 सौ मीटर सड़क का डामरीकरण भी हो गया है। शेष 250 मीटर सड़क पर डामरीकरण का कार्य चल रहा है। लोनिवि के ईई/ प्रोजेक्ट मैनेजर एसएस मखलोगा, अपर सहायक अभियंता प्रमोद नेगी ने बताया 30 अक्तूबर तक सभी अधूरे कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है। लोकार्पण की तिथि शासनस्तर से निर्धारित की जानी है।