ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत जिले में प्रभावित परिसंपत्तियों की शिफ्टिंग और भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों को लेकर डीएम ने अधिकारियों की बैठक ली और त्वरित गति से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर के ईई कमल सिंह की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश भी दिए।
126 किमी लंबी सामरिक और चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना की डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने समीक्षा की। डीएम ने एसडीएम नरेंद्रनगर युक्ता मिश्र को ब्यासी में दो मकान और कौड़ियाला में एक दुकान को खाली करवाने के निर्देश दिए। कहा कि अधिग्रहण का मुआवजा देने के बावजूद मकान और दुकान खाली नहीं किया गया है। उन्होंने रेलवे और संबंधित निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों को परियोजना से प्रभावित बमाणी और अटाली गांव के पैदल और अन्य पहुंच मार्ग को प्राथमिकता से बनाने साथ ही बमाणी के प्रभावितों को 23 जुलाई तक प्रतिकर भुगतान के निर्देश दिए। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कीर्तिनगर के नैथाणा और रानीहाट के डंपिंग जोन परियोजना के मलबे से भर चुके हैं। इसके लिए अतिरिक्त डंपिंग जोन की जरूरत है, जिस पर डीएम ने एसडीएम को डंपिंग जोन के लिए भूमि चयन के निर्देश दिए। बैठक में ईई जल संस्थान सतीश चंद्र नौटियाल, ईई लोनिवि नरेंद्रनगर मोहम्मद आरिफ खान सहित रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।